एम्स | एम्स क्या है

आज के इस लेख में हम एम्स के बारे में जानकारी हाशिल करने वाले है जो कैंडिडेट आगे चलकर एक सफल डॉक्टर बनना चाहते है उनके लिए यह लेख महत्वपूर्ण होने वाला है। एम्स में एडमिशन पाने के लिए हर वर्ष बहुत से लोग प्रयास करते है क्योंकि एम्स मेडिकल कोर्स करने के लिए सबसे अच्छा संस्थान माना जाता है।

एम्स

एम्स (AIIMS) का पूरा नाम All India Institute of Medical Science ( अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ) है एम्स भारत की उच्चतम लेवल की मेडिकल कॉलेज है। एम्स भारत के सार्वजनिक आयुर्विज्ञान महाविद्यालयों का समूह है। एम्स की स्थापना सन् 1956 ई में पंडित  जवाहर लाल नेहरू के सानिध्य मे संपन्न हुआ। वर्तमान समय मे भारत मे कुल 15 एम्स हैं। तथा इसके अतिरिक्त 8 एम्स का निर्माण चल रहा हैं। एम्स भारत की सबसे अच्छा मेडिकल कोर्स और मरीजों को अच्छा से अच्छा ट्रीटमेंट उपलब्ध कराती है। एम्‍स द्वारा स्‍नातक और स्‍नातकोत्तर दोनों ही स्‍तरों पर चिकित्‍सा तथा पैरामेडिकल के कोर्स भी कराये जाते है इसके साथ ही यहाँ 42 से अधिक मेडिकल कोर्स की सुविधा उपलब्ध है साथ ही इन सभी कोर्स को करने के बाद एम्‍स की तरफ से प्रमाण पत्र भी दिया जाता है। एम्‍स में एक नर्सिंग महाविद्यालय भी चलाया जाता है और यहां बी. एससी. (ऑन) नर्सिंग पोस्‍ट प्रमाण पत्र डिग्री के लिए छात्रों को प्रशिक्षण भी दिया जाता है।

एम्‍स मरीजों की देखभाल और इलाज के लिए भारत की सबसे अच्छा मेडिकल कॉलेज है आजकल डॉक्टर बनने के लिए सभी का सपना होता है की वो एम्‍स से अपनी पढाई पूरी करे ताकि एक अच्छा और सफल डॉक्टर बन सके लेकिन एम्‍स में एडमिशन  सभी लोगों को नहीं मिल पाता क्योंकि अभी देश के अंदर एम्‍स मेडिकल कॉलेजों  की संख्या बहुत कम है।

सन् 2012 में डा• मनमोहन सिंह सरकार द्वारा वर्ष 2012 में 1 एम्स भारत के रायबरेली में खोले गए। इसके बाद सन् 2014 से नरेन्द्र मोदी सरकार ने 14 अन्य एम्स संस्थान भारत के अन्य भागों में निर्माण की आधारशिला रखी ताकि दूर दराज के लोगों को बेहतर इलाज की सुविधायें पाई जा सकें। सन् 2022 तक हर राज्य में एक एम्स खोलने का विचार है।

एम्स के क्या उद्देश्य है 

एम्स भारत की उच्चतम लेवल का मेडिकल कॉलेज है जो मेडिकल कोर्स और मरीजों को अच्छा से अच्छा ट्रीटमेंट उपलब्ध कराती है। एम्‍स द्वारा स्‍नातक और स्‍नातकोत्तर दोनों ही स्‍तरों पर चिकित्‍सा तथा पैरामेडिकल के कोर्स भी कराये जाते है इसका उद्देश्य यही है कि भारत के अंदर नए नए और अच्छी जानकारी रखने वाले डॉक्टरों को तैयार करना इसके साथ ही नई रिसर्च को आगे बढ़ाना और देश को जब भी मेडिकल सेवाओं की सबसे ज्यादा जरूरत हो तो उस परेशानी को दूर करना। इसके लिए एम्स  निरंतर अपना काम कर रही है।

भारत मे कुल कितने एम्स है

भारत के अंदर वर्तमान में अभी 15 एम्स चल रहे है इसके अतिरिक्त 8 एम्स का निर्माण चल रहा रहा है। भारत मे सबसे पहले और सबसे पुराना एम्स नई दिल्ली में है।

भारत में चल रहे एम्स (AIIMS)

1. एम्स नई दिल्ली

2. भोपाल

3. भुवनेश्वर

4. जोधपुर

5. पटना

6. रायपुर

7. ऋषिकेश

8. रायबरेली

9. मंगला गिरि

10. नागपुर

11. गोरखपुर

12. भटिंडा

13. बीबी नगर

14. कल्याणी

15. देवघर

एम्स क्राइटेरिया

मेडिकल के छात्रों के लिए एम्स हर साल ऑल इंडिया लेवल पर MBBS कोर्स एंट्रेंस एग्‍जाम कंडक्‍ट करता है। इस एग्जाम के माध्यम से उम्मीदवारों को दिल्ली, पटना, भोपाल, जोधपुर, भुवनेश्वर, ऋषिकेश, रायपुर, गुंटुर और नागपुर कैंपस में एडमिशन दिया जाता है।

एम्स में प्रवेश लेने के लिए शैक्षणिक योग्यता

  • जो कैंडिडेट एम्स में प्रवेश लेना चाहता है तो इसकी परीक्षा में शामिल होने के लिए उसकी उम्र 17 वर्ष से अधिक होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार की न्यूनतम क्वालिफिकेशन 10+2 होनी चाहिए।
  • उम्मीदवार का 10+2 की कक्षा में भौतिक विज्ञान ,रसायन विज्ञान और जीवविज्ञान विषय अनिवार्य होना चाहिए।
  • कैंडिडेट का 12th में कम से कम 60% मार्क्स होना जरूरी है।

एम्स में एडमिशन कैसे होता है 

एम्स में एडमिशन पाने के लिए आपको 12वीं फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायो से पास करनी होती है इसके साथ ही आपका 12वीं में अंक 60 प्रतिशत से कम नहीं होना चाहिए। और आपकी उम्र 17 वर्ष से अधिक होनी चाहिए। इन सब योग्यता होने के बाद आपको भारत मे मेडिकल के क्षेत्र मे सबसे प्रमुख कॉलेज एम्स में एडमिशन के लिए नीट प्रवेश परीक्षा देना पड़ेगा। नीट से पहले एम्स खुद इसके एंट्रेंस एग्जाम को आयोजित करवाती थी लेकिन बाद में एम्स में प्रवेश पाने के लिए नीट को अनिवार्य कर दिया गया। जो कैंडिडेट नीट की परीक्षा को अच्छे अंको से पास करते है उनका एडमिशन एम्स में हो जाता है।

नीट का प्रवेश परीक्षा में भौतिकी, रसायन विज्ञान, वनस्पति विज्ञान और प्राणीविज्ञान से प्रश्न पूछे जाते हैं। प्रत्येक सेक्शन से 45 प्रश्न आते हैं यानि कुल 180 प्रश्न। एक सही उत्तर पर उम्मीदवार को 4 अंक मिलते हैं और हर गलत उत्तर के लिए 1 अंक काट लिया जाता है। यदि उम्मीदवार ने किसी प्रश्न का उत्तर नहीं दिया है तो उसके लिए कोई अंक नहीं दिया जाता। इस परीक्षा में प्रश्न पत्रों को हल करने के लिए कुल 3 घंटे का समय दिया जाता है

एम्स टॉप 10 कोर्स

एम्स द्वारा कई सारे मेडिकल के कोर्स करवाए जाते है जिनमे आप अपनी इच्छानुसार चुन सकते है और आपका कोर्स पूरा होने के बाद आपको एम्स के द्वारा उस कोर्स का सर्टिफिकेट भी दिया जाता है। इसमें हम आपको एम्स द्वारा कराये जाने वाले टॉप 10 कोर्स का नाम बताया है जिसको आप कर सकते है।

.1.एमबीबीएस
2. बीएससी नर्सिंग (ऑनर्स)
3. बैचलर ऑफ ऑप्टोमेट्री
4. एमडी/एमएस
5. एमसीएच (6 वर्ष)
6. डीएम (6 वर्ष)
7. एमएससी
8. एम.बायोटेक
9. फैलोशिप
10 पीएच.डी

एम्स द्वारा पढाई पूरी करने का फायदा

एम्स कॉलेज में आपको अच्छे प्रोफेसर के द्वारा अच्छी शिक्षा प्राप्त होगी है जोकि यह आपके लिए सफलता की कुंजी होती है। इसमें आपको सब कुछ अच्छे से थ्योरी के साथ साथ प्रैक्टिकल भी कराया जाता है ज्यादा प्रैक्टिकल करने से आपका अनुभव बढ़ेगा। इसमें आपको अन्य संस्थानों से कम फीस में आपका मेडिकल का कोर्स पूरा हो जायेगा। इसमें पढाई पूरी करने के बाद आपको अच्छी सैलरी मिलेगी क्योंकि एम्स से पढाई करने के बाद आपकी अहमियत बढ़ जाएगी। यदि आप विदेश में भी जाना चाहे तो वहां जाने का भी मौका मिल सकता है  जिसके लिए आपको अच्छी सैलरी भी मिलेगी।

  

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