पाकिस्तान का प्रथम राष्ट्रपति कौन था

पाकिस्तान का प्रथम राष्ट्रपति कौन था, क्योंकि काफी लोगों को इस चीज को लेके doubt तहत है की pakistan ke partham rashtrapati ka name kya hai तो आज हम इस article में इसी के बारे में बात करेंगे।

बहुत से लोग होते है जिनको अपने देश के प्रथम राष्ट्रपति का नाम भी नहीं पता होता है, और अगर उनसे कोई पूछ ले तो उनको काफी परेशानी होती है, और अगर आप पढाई करते है तो कई बार exam में भी पूछा जाता है की पाकिस्तान का प्रथम राष्ट्रपति कौन था आज के इस article में हम आपको पाकिस्तान के राष्ट्रपति का नाम और साथ ही साथ राष्ट्रपति के बारे में कुछ विशेष जानकारी भी देंगे

पाकिस्तान के राष्ट्रपति इस्लामी गणराज्य पाकिस्तान के प्रमुख होते हैं, और इनका काम पाकिस्तानी संविधान के अनुसार राष्ट्रपति के पास सुप्रीम कोर्ट पाकिस्तान के पारित या अस्वीकृति निर्णय पर बाध्य, नेशनल असेंबली कोषलील करने, प्रधानमंत्री को निलंबित करने आदि कार्यों के लिए जिम्मेदार होते है

पाकिस्तान का प्रथम राष्ट्रपति कौन था

पाकिस्तान का प्रथम राष्ट्रपति मोहम्मद अली जिन्नाह थे, और ये बीसवीं सदी के एक प्रमुख राजनीतिज्ञ थे, इनका जन्म 25 दिसम्बर 1876 में हुआ था।

मोहम्मद अली जिन्नाह का जन्म 25 दिसम्बर 1876 में करांची जिले में वज़ीर मेसन में हुआ जोकि सिंध प्रान्त में पड़ता है जिन्नाह के पता को जिन्नाह भाई के नाम से जमा जाता था और इनकी माँ को नाम मिठीबाई था और ये पीला गुजरती थे और बाद में करांची में sift हुए थे।

इनके पिता की सात सन्तानों  थीं जिसमे की मोहम्मद अली जिन्नाह जी सबसे बड़े थे, और उनके पिता जिन्नाभाई एक सम्पन्न गुजराती व्यापारी थे, लेकिन जिन्ना के जन्म के पूर्व वे काठियावाड़ छोड़ सिन्ध में जाकर बस गये, कुछ सूत्रों के मुताबिक़ ये पता चलता है की जिन्नाह के पूर्वज  हिन्दू राजपूत हुआ करते थे, जिन्होंने कुछ समय बाद इस्लाम क़बूल कर लिया था।

अगर मै इनकी शिक्षा की बात करू तो ये कई स्कूलों में इनकी शिक्षा हुई थी सबसे पहले शुरू-शुरू में वे कराची के सिन्ध मदरसा-ऊल-इस्लाम में अपनी पढ़ाई की और कुछ समय के लिए गोकुलदास तेज प्राथमिक विद्यालय बम्बई में भी पढ़े, और फिर क्रिश्चियन मिशनरी स्कूल कराची चले गये, अन्ततोगत्वा उन्होंने बम्बई विश्वविद्यालय से ही मैट्रिक पास किया।

और मैट्रिक पास करने के तुरन्त बाद ग्राह्म शिपिंग एण्ड ट्रेडिंग कम्पनी में उन्हें अप्रैंटिस के रूप में काम करने के लिए बुलावा गया और वो वहां पर कुछ समय तक काम किया। और उन्होंने अपने माँ के आग्रह पर शादी भी कर ली लेकिन वह शादी ज्यादा दिनों तक नहीं नहीं तिकी और दोनों अलग हो गए, और मोहम्मद अली जिन्नाह जी इंग्लैंड चले गए और इंग्लैंड जाने के बाद उनकी माँ चल बसीं।

1918 में जिन्ना ने पारसी धर्म की लड़की से दूसरी शादी की, और धर्म को लिखे मस्लिम समाज इनका बहुत बिरोध किया और अन्त में उनकी पत्नी रत्तीबाई ने इस्लाम कबूल कर लिया, 1919 में उन्होंने अपनी एक मात्र सन्तान डीना को जन्म दिया।

इंग्लैंड में उन्होंने कानून की पढ़ाई के लिए अप्रैंटिस छोड़ दी और वकालत की पढाई की और उन्नीस साल की छोटी उम्र में वे वकील बन गये, इसी के साथ राजनीति में भी उनकी रुचि जाग्रत हुई, और राजनीती में आने के लिए उन्होंने दादाभाई नौरोजी और फिरोजशाह मेहता का सहारा लिया और उन्होंने भारतीयों के साथ हो रहे भेदभाव के खिलाफ संवैधानिक नजरिया अपना लिया था।

ब्रिटेन प्रवास के अन्तिम दिनों में उनके पिता का व्यवसाय चौपट हो गया और जिन्नाह पर परिवार संभालने का दबाव पड़ने लगा, और वो मुंबई वापस आ गये और बहुत कम समय में ही एक नामी वकील बन गये, उनकी योग्यता ने बाल गंगाधर तिलक  को काफी प्रभावित किया और उन्होंने 1905 में अपने खिलाफ लगे राजद्रोह के मामले की सुनवाई के लिए जिन्नाह को ही अपना वकील बनाया, इसके बावजूद भी तिलक को सश्रम कारावास की सजा दी गयी।

अगर मै इनके राजनितिक जीवन के शुरुआत की बात करू तो 1896 में जिन्ना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस में शामिल हो गये, तब तक कांग्रेस भारतीय राजनीतिक का सबसे बड़ा संगठन बन चुका था, और इन्होने बहुत मेहनत की और ये साठ सदस्यीय इम्पीरियल लेजिस्लेटिव काउंसिल के सदस्य बन गये, इस परिषद को कोई अधिकार प्राप्त नहीं थे और इसमें कई यूरोपीय और ब्रिटिश सरकार के भक्त शामिल थे।

और काफी समय तक कांग्रेस के साथ काम किया और फिर बाद में उन्होंने अल्पसंख्यक मुसलमानों को नेतृत्व देने का फैसला कर लिया, और 1913 में जिन्ना मुस्लिम लीग में शामिल हो गये और 1916 के लखनऊ अधिवेशन की अध्यक्षता की।

और अंग्रेजों के शासन से आजादी के बाद भारत का बंटवारा हिंदू मुश्लिम के आधार पर हुआ और मुश्लीम देश पाकिस्तान बना और उसके राष्ट्रपति जिन्नाह बने।

तो मै उम्मीद करूँगा की आपको हमारा article पाकिस्तान का प्रथम राष्ट्रपति कौन था आपको समझ में आ गया होगा और अगर आपको हमारा article आपको पसंद आया हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे और उन्हें भी बताएं की पाकिस्तान का प्रथम राष्ट्रपति कैन था।

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